इमाम हुसैन की याद में निकाला मातमी जुलूस
रुड़की
शहीदाने करबला का चेहलुम अकीदत के साथ मनाया गया। उलेमा हजरात ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की ओर से इराक स्थित कर्बला मैदान की कुर्बानी के बारे में बताया। लोगों से सच्चाई के रास्ते पर चलने की अपील कर देश दुनिया में लिए अमन चेन की दुआ मांगी। बाद में यहां से मातमी जुलूस निकाला गया। जिसमें भारी संख्या में लोगों ने हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जुलूस की सुरक्षा में शहर चौकी प्रभारी मनोज गैरोला पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। रविवार को हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की ओर से कर्बला के मैदान की कुर्बानी को याद कर चेहलुम अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के मोहल्ला पठानपुरा स्थित बड़े इमामबाड़े पर मुख्य मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस की शुरुआत तिलावते कलाम ए पाक और सोजो सलाम के साथ हुई। जिसके बाद मजलिस को मेरठ के मौलाना हसन मेहंदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सन 61 हिजरी में नवासा ए रसूल हजरत इमाम हुसैन ने अपने साथियों के साथ जो कुर्बानी राह ए खुदा में पेश की। उसी के कारण आज दुनिया में इंसानियत का परचम बुलंद है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने सबको साथ लेकर चलने की बात कही। साथ ही उन्होंने आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए हमेशा काम किया। यही वजह है कि उनके छोटे से लश्कर में हर कौम व कबीले का शख्स मौजूद था। बारगाह ए बाबुल मुराद में मौलाना सिब्ते हसन ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकेगी। जब हम समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लेंगे। उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी नशे की ओर बढ़ रही है जो कि भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। इसलिए सभी को चाहिए कि वह समाज से इस बुराई को समाप्त करने के लिए आगे आए। जो युवा भटक चुके हैं उन्हें सही रास्ते पर लाए। क्योंकि इमाम हुसैन ने भी लोगों को सच्चा और सही रास्ता दिखाया। हालांकि जालिम शासक की ओर से उन्हें तीन दिन का भूखा प्यासा शहीद कर दिया गया। इसके अलावा बारगाहे जैनबिया में मजलिस को मौलाना अली नकी ने संबोधित किया। बाद में बड़े इमामबाड़े से मातमी जुलूस शुरू हुआ। जोकि बाबुल मुराद होते हुए बारगाह ए जैनबिया पहुंचा। दरबारे हुसैन से बरामद जुलूस भी इसी जुलूस में आकर शामिल हुआ। यहां से यह जुलूस लंढौरा रोड की नंबर 3 पर पहुंचा। जहां पर अजादारों ने जंजीर का मातम कर अपने शरीर लहूलुहान कर लिए। लंढौरा रोड शहर पुलिस चौकी मोहल्ला टोली होते हुए यह मातमी जुलूस थाना बाईपास मार्ग स्थित करबला पहुंचा। जहां से देर शाम मोहल्ला पठानपुरा के भीतरी भाग को होता हुआ पुनः पठानपुरा स्थित पड़े इमामबाड़े पर पहुंचकर शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। जुलूस का संचालन बड़े इमामबाड़े के प्रबंधक अमीर हैदर जैदी, दरबारे हुसैन के प्रबंधक अली मेहंदी जैदी, बाबुल मुराद के प्रबंधक रजब अली आरफी और बारगाह ए जैनबिया के प्रबंधक अकील अहमद ने संयुक्त रूप से किया। जुलूस में नोहा पढ़ने वालों में मुख्य रूप से हुसैन मोहम्मद वफा, हसनैन रजा जैदी, ताजदार मेहंदी, मोहम्मद आलम, मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद तकी, शबाब मेहंदी जैदी, मीर जमीर, मोहम्मद अली जाफरी, राहत अब्बास जाफरी, शमीम आरफी, मौलाना शाकिर हुसैन आदि शामिल रहे।

