उद्यमिता आधुनिक भारत के विकास का आधार: वीसी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद पंतनगर एवं बायोटेक कंसोर्टियम इंडिया लिमिटेड (बीसीआईएल) के संयुक्त तत्वावधान में उद्यमिता विकास पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में वक्ताओं ने नवाचार एवं उद्यमिता के महत्व को बताया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड के निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने प्रतिभागियों को विचारों को पोषित करने और उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि उद्यमिता ही आधुनिक भारत के विकास का आधार है तथा जैव प्रौद्योगिकी से उद्यमिता विकास के लिए उत्तराखंड जैसे प्रदेश में अपार संभावना है। यहां आज भी बहुत कम लोग जैव प्रौद्योगिकी से उद्यम प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में विवि के विभिन्न विभागों में होने वाले शोध कार्यों की उपयोगिता तभी सिद्ध होगी जब शोध कार्य समाज के लिए जन उपयोगी होंगे। उत्तराखंड काउंसिल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. संजय कुमार शर्मा ने उत्तराखंड में उद्यमशीलता के अवसरों की तलाश करने का आह्वान किया। उन्होंने उत्तराखंड की बदरी गाय का उदाहरण देकर शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध विभिन्न संसाधनों की जानकारी दी। बीसीआईएल की प्रबंध निदेशक डा. पूर्णिमा शर्मा ने बीसीआईएल और उसके उद्देश्यों का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने गढ़वाल विवि के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्ण समर्थन और प्रयासों की सराहना की। डीन लाइफ साइंसेज प्रो. अनूप कुमार डोबरियाल ने एनईपी में उद्यमिता कार्यक्रमों को शामिल करने पर प्रकाश डाला। डा. पूजा सकलानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. अनीता सिंह ने और संयोजन डा. कृष्ण सिंह रावत ने किया।

